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14 नगर निगमों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोलेगी भूपेश सरकार, सस्ते में होगी खून पेशाब की जांच, घर से नि:शुल्क सैंपल कलेक्ट की भी सुविधा …

रायपुर (गुणनिधि मिश्रा) । शहरी क्षेत्रों में ब्लड टेस्ट से लेकर सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे महंगे जांच अब सस्ते में होंगे। राज्य सरकार 14 शहरों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने जा रही है। सेंटर शुरू होने के बाद शहर के लोगों को रियायती दर पर पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी। साथ ही रोगी के घर से सैंपल भी नि:शुल्क कलेक्ट करने की सुविधा मिलेगी।

ये सेंटर अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी (यूपीएसएस) के माध्यम से संचालित होंगे। पहले चरण में 14 नगर निगमों में खाली पड़े अनुपयोगी सामुदायिक भवनों में पैथोलॉजी सेंटर खोला जाएगा। सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं होने पर सेवा देने वाली एजेंसी को शहर में यथोचित स्थान पर किराए का भवन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके एवज में एजेंसी को बाजार दर से कम दर पर पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सुविधाएं देनी होगी।

योजना के तहत यूपीएसएस की साधारण सभा की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। दुर्ग जिले की सोसायटी में नगर निगम रिसाली को भी शामिल किया जाएगा। सोसायटी की साधारण सभा और मैनेजिंग कमेटी की बैठक में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल रहेंगे। योजना के तहत निविदा के माध्यम से निगमवार एजेंसी को चुना जाएगा। निविदा समिति में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी होंगे। डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने के लिए डाक्टर, एनेस्थेटिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, टेक्नीशियन, सहायक और जरूरी उपकरण, मशीन, रिएजेंट आदि की व्यवस्था एजेंसी खुद करेगी। सेंटर में मॉनिटरिंग के लिए सीसीटीवी और योजना के प्रचार के लिए टीवी और प्रोजेक्टर भी लगाए जाएंगे।

सेंटर चलाने के लिए एजेंसी को 2 रुपए वर्गफुट की दर से तीन हजार वर्ग फुट का भवन किराए पर दिया जाएगा। सोसायटी यह भवन 15 साल के लिए किराए पर देगी। एजेंसी से मिलने वाला किराया सोसायटी हर माह संबंधित निकाय को ट्रांसफर कर देगी। डायग्नोस्टिक सेंटर का नामकरण राज्य के प्रसिद्ध विभूतियों के नाम पर राज्य सरकार की अनुशंसा पर किया जाएगा।

राज्य एवं जिले स्तर पर योजना की मॉनिटरिंग के लिए समिति गठित की जाएगी। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव समेत 6 विभागों के अफसर इसमें शामिल होंगे। जबकि जिले स्तर की समिति में कलेक्टर (पदेन यूपीएसस का अध्यक्ष), आयुक्त, सीएमएचओ, संयुक्त संचालक नगर निवेश, नोडल अफसर यूपीएसस, निगम के सीनियर इंजीनियर और संपदा अधिकारी शामिल किए जाएंगे।

योजना शुरू होने से लोगों को एनबीएल सर्टिफाइड लैब से सस्ते में जांच करा सकेंगे। छोटे शहरों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। साथ ही लोगों को इलाज के लिए अब बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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