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भारत बंदः बनारस से बलिया तक छावनी जैसे दिखे कई इलाके, धराशाई कर दिए आह्वान करने वालों के मंसूबे …

वाराणसी। भारत बंद के आह्वान को लेकर वाराणसी में हाईअलर्ट रहा। कमिश्नरेट और जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर अलसुबह से ही जनपदों से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। खासतौर से गाजीपुर मार्ग पर कड़ी चौकसी में रखी गई है। इधर, कैंट रेलवे स्टेशन सिटी और बनारस सारनाथ स्टेशन पर पुलिस सुबह से तैनात है। लगातार गश्त की जा रही है। ट्रेनों में चेकिंग के साथ ही अनाउंस कर किसी भी तरह के उपद्रव पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।

डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने सिटी स्टेशन पर सुबह निरीक्षण किया। फोर्स को ब्रीफ कर कहा कि प्रदर्शन होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करें। उधर कैंट स्टेशन पर निदेशक आनंद मोहन, चेतगंज एसीपी संतोष कुमार मीणा ने फोर्स के साथ पूरे स्टेशन में निरीक्षण किया।

अग्निपथ योजना के विरोध में सोमवार को घोषित बंद का असर पूरे जनपद में नहीं रहा। हालांकि एहतियातन जगह-जगह पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। सबसे अधिक सुरक्षा इंतजाम रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड पर था। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अग्निपथ स्कीम के विरोध में चार दिनों पहले कुछ युवकों ने शहर में जमकर उत्पात मचाया था। ट्रेनों, दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ ही रेलवे यार्ड में खड़ी एक सवारी गाड़ी के डिब्बे में आग लगा दिया था।

इसके बाद से ही लगातार धर-पकड़ की कार्रवाई चल रही है। इसी बीच अचानक सोमवार को बंदी की अफवाह फैल गयी। इसके बाद शासन की ओर से हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया। सोमवार की सुबह छह बजे ही फोर्स ने जगह-जगह मोर्चा सम्भाल लिया। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी के अलावे पुलिस तथा पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। रोडवेज बस स्टेशन पर भी पुलिस के दर्जनों जवानों को तैनात किया गया था।

अग्निपथ योजना के विरोध पर भारत बंद के मद्देनजर सोमवार को जिले व रेलवे के चप्पे चप्पे पर जवान तैनात किए गये। वहीं अतिसंवेदनशील वह संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इस क्रम पीडीडीयू जंक्शन सहित सभी स्टेशनों पैदल मार्च जवानों ने किया।

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