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प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे से पहले सिद्धू को कहा था पार्टी सुप्रीम है, बैठकर बातचीत करिये; सीएम चरणजीत सिंह

नई दिल्ली । पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने बताया है कि उन्होंने नवजोत सिंह से बात की थी और उनसे यह भी अपील की थी कि वो बैठकर बात करें और मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करें। सिद्धू ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने कहा, ‘पार्टी का अध्यक्ष चाहे कोई भी हो, वो परिवार का मुखिया होता है। मैंने उन्हें फोन किया था और कहा था कि पार्टी सुप्रीम है। और कहा था कि बैठकर बातचीत करते हैं और मुद्दों को सुलझाते हैं।’

अपने इस्तीफे के बाद सिद्धू ने एक ट्वीटर पर अपनी बात रखी थी। जिसके बाद सीएम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मुझे किसी भी मुद्दे पर बातचीत करने में कोई इगो नहीं है..मैं नेताओं के साथ बैठ कर बातचीत करना चाहता हूं।’ इस्तीफे के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा कि हक़-सच की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पंजाब के मुद्दों और राज्य के एजेंडा को लेकर है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को पंजाब पुलिस के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सहोता का स्पष्ट तौर पर जिक्र करते हुए, सिद्धू ने कहा, ‘जिन्होंने छह साल पहले बादल को क्लीन चिट दी थी…ऐसे लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है….।’ सहोता बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए तत्कालीन अकाली सरकार द्वारा 2015 में गठित एक विशेष जांच दल के प्रमुख थे।

सिद्धू ने ए पी एस देओल की राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों ने  ‘पक्की जमानत’ दिलाई है, वे महाधिवक्ता बनाए गए हैं।’ देओल पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के वकील रह चुके हैं। वह पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी का उनके खिलाफ कई मामलों में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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