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सीएम योगी के आदेशानुसार यूपी में दो दिवसीय साप्ताहिक बंदी को लेकर नई गाइडलाइन बनाने में जुटा गृह विभाग …

नई दिल्ली। उत्‍तर प्रदेश में कोरोना के मामलों में उल्‍लेखनीय कमी को देखते हुए राज्‍य सरकार दो दिवसीय साप्‍ताहिक बंदी में आंशिक छूट दे सकती है। उम्‍मीद जताई जा रही है कि सरकार अब दो की बजाए एक दिन ही बंदी का निर्णय ले सकती है। यदि ऐसा हुआ तो सप्‍ताह में छह दिन बाजार खुलने लगेंगे। अभी पांच दिन ही बाजार खुल रहे हैं। शनिवार और रविवार को साप्‍ताहिक बंदी अनिवार्य रूप से लागू है।

इस दो दिवसीय बंदी में आंशिक छूट को लेकर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग नई गाइडलाइन तैयार करने में जुट गया है। इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री ने राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाहकार समिति की अनुशंसाओं के मुताबिक स्‍वतंत्रता दिवस के बाद माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में 50 फीसदी क्षमता के साथ पठन-पाठन शुरू करने का निर्देश दिया है।

बुधवार को सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 के साथ बैठक में कई दिशा निर्देश दिए। उन्‍होंने कहा कि दो दिवसीय साप्‍ताहिक बंदी में आंशिक छूट पर विचार किए जाने की बात कहते हुए गृह विभाग को इस संदर्भ में विस्‍तृत गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया। स्‍कूल-कालेजों को खोलने का निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि सभी जगह कक्षाएं दो पाली में चलें। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए।

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा छह से आठवीं वीं तक की कक्षाओं में नए एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। स्थिति का आंकलन करते हुए इन विद्यालयों में एक सितंबर से पठन-पाठन शुरू किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि हर स्‍थान पर हर हाल में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कराया जाना। कहीं भी अनावश्यक भीड़भाड़ नहीं होनी चाहिए। मुख्‍यमंत्री ने लगातार पुलिस पेट्रोलिंग पर भी बल दिया। बैठक में कहा गया कि  प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है।

आज जनपद अलीगढ़, अमेठी, चित्रकूट, एटा, फिरोजाबाद, गोंडा, हाथरस, कासगंज, पीलीभीत, प्रतापगढ़, शामली और सोनभद्र में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 बनी हुई है और रिकवरी दर 98.6 फीसदी है। विगत 24 घंटे में हुई 02 लाख 39 हजार 909 सैम्पल की टेस्टिंग में 59 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 16 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 505 रह गई है। यह अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी समस्या का कारक बन सकती है।

कोरोना के हालात की समीक्षा करते हुए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट के मंत्र से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। बैठक में बताया गया कि अब तक प्रदेश में  06 करोड़ 81 लाख 37 हजार 752 कोविड सैम्पल की जांच की जा चुकी है। पिछले 24 घंटे में हुई जांचों में 27 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसी दौरान में 63 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। प्रदेश में अब तक 16 लाख 85 हजार 555 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। मुख्‍यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस स्थिति को और बेहतर करने के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अनुरूप सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 5.50 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश एकमात्र राज्य है, जहां अब तक 05 करोड़ 50 लाख 52 हजार से अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। 04 करोड़ 64 लाख 33 हजार से अधिक लोगों ने वैक्सीन की एक डोज प्राप्त कर ली है। प्रदेश में अब तक 86 लाख से अधिक लोग कोविड टीके की दोनों डोज प्राप्त कर चुके हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि इस स्थिति को और बेहतर करने की आवश्यकता है। कोविड टीके की दूसरी खुराक समय पर मिलना सुनिश्चित कराया जाए। जिन लोगों को दूसरी डोज लगाई जानी है, उनसे संवाद-संपर्क किया जाए। शनिवार का दिन सेकेंड डोज के लिए आरक्षित रखें। बौद्ध-भिक्षु गणों, विदेशी नागरिकों व असहाय और निराश्रित जनों के टीकाकरण के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाए।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने निर्देश दिया कि स्‍वतंत्रता दिवस के बाद माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों के खुलने पर 18 साल से ऊपर के विद्यार्थियों के टीकाकरण के लिए विश्वविद्यालय या स्कूल-कॉलेज के परिसर में ही टीकाकरण शिविर लगाए जाएं। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों- कर्मचारियों की उपस्थिति हो रही है। वहां भी आवश्यकतानुसार टीकाकरण शिविर लगाए जाएं।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बैठक में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन बकाया होने पर नाराजगी जताई। उन्‍होंने कहा कि यह अच्छी स्थिति नहीं है। इन लोगों ने कोविड महामारी के बीच अपने प्राण की परवाह न करते हुए दायित्व निर्वहन किया है। शासन के स्थायी कर्मचारी हों, अथवा संविदा या आउटसोर्सिंग कार्मिक, किसी भी दशा में एक भी कर्मचारी का वेतन बकाया न रखा जाए। किसी भी दशा में वेतन भुगतान लंबित न रहे। सभी विभाग इस आदेश का अनुपालन करना जाना सुनिश्चित करें।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भारत सरकार द्वारा संचालित नि:शुल्‍क बिजली कनेक्‍शन की ‘सौभाग्य’ योजना से वंचित पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्‍होंने कहा कि इसके साथ ही बिजली बिलों में ओवरबिलिंग की शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जाए। बिजली बिल बकाए के नाम पर एक भी उपभोक्ता का उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए। बकाया होने पर भी बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई न की जाए। इसकी बजाए लोगों की शिकायतों का समाधान करते हुए उन्हें समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़, भारी बारिश और नदियों के जलस्‍तर की मानीटरिंग करें। सभी प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीमों को 24×7 एक्टिव मोड में रखें। नौकाएं, राहत सामग्री आदि के प्रबंध पहले से कर लिए जाने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि बाढ़-अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए।  प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

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