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60 हजार के इनामी हाकम और मोरपाल गिरफ्तार…

भोपाल। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बन चुके 30-30 हजार के कुख्यात इनामी हाकम सिंह बुंदेला और मोरपाल सिंह बुंदेला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फरारी के दौरान अपने गांव आए थे। इसी दौरान पुलिस ने धरदबोचा। इनके पास से 315 बोर, 12 बोर की बंदूक और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

हालांकि, पुलिस की ओर से दी गई अधिकृत जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपी भुजपुरा के समीप ही मुकरबा से पकड़े गए हैं, जबकि सूत्र बताते हैं कि उक्त कार्रवाई को हैदराबाद में अंजाम दिया गया। बहरहाल, इन दो जघन्य अपराधियों की गिरफ्तारी से भुजपुरा और पठिया गांव में चल रहा लगभग 10 साल पुराना खूनी संघर्ष अब थमने की संभावना है। पुलिस के अनुसार कुख्यात अपराधी हाकम पिता मजबूत सिंह बुंदेला (35) और मोरपाल सिंह बुंदेला (29) चोरी छिपे बाइक से गांव भोजपुरा आए थे। आरोपियों की लोकेशन के संबंध में पुलिस को सूचना मिलते ही टीमें गांव पहुंची और दोनों शातिरों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। जबकि सूत्र बताते हैं कि

हत्या की वारदात के बाद फरार आरोपी हाकम सिंह और मोरपाल सिंह पुलिस से बचने के लिए लगातार जगह बदलते रहे। उन्होंने चित्रकूट, चेन्नई, विजयनगरम, हैदराबाद आदि स्थानों पर फरारी काटी। फरारी के दौरान आरोपी मोरपाल सिंह ने विजयनगरम में चोरी की वारदात भी की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी हाकम सिंह और मोरपाल सिंह ने पूछताछ में बताया, छोटेराजा परमार उर्फ इन्द्रप्रताप सिंह की हत्या की साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने से पूर्व

साजिश के तहत साथी गब्बर सिंह उर्फ संतोष सिंह पवार ने रामचरन पाल की बाइक चोरी की थी। जिसमें थाना भगवां में प्रकरण दर्ज हुआ था। वहीं, 16 मार्च 2021 को छोटेराजा परमार की रैकी कर हाकम सिंह को लोकेशन की खबर दी गई थी। इसके बाद हाकम सिंह और मोरपाल सिंह ने चोरी की बाइक पर लाल रंग पेंट कराया। शाम करीब 7 बजे होटल आयुष बड़ामलहरा के सामने पहुंचे। यहीं पर दोनों ने छोटेराजा परमार की हत्या की थी। हत्या कर भागे और रास्ते में बाइक छोड़कर फरार हो गए थे।

बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम पठिया के छोटे राजा परमार और भोजपुरा के हाकम सिंह बुंदेला के परिवारों के बीच वर्ष 2004 से राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इस विवाद ने कई बार खूनी रूप भी लिया। वर्ष 2015 से अब तक भगवत सिंह, छोटेराजा परमार और रखुवां अहिरवार की हत्या की गई थी। 2015 में हाकम सिंह बुंदेला ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर तत्कालीन भुजपुरा सरपंच भगवत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मोरपाल सिंह तब नाबालिग होने के कारण जमानत पर छूट गया था, जबकि हाकम सिंह बिजावर जेल में बंद था। 2016 जेल से फरार होने के बाद मोरपाल और हाकम सिंह लगातार गायब रहे और लगभग 5 साल बाद मार्च 2021 में दोनों ने अपने 6 अन्य साथियों के साथ मिलकर भगवत सिंह के छोटे भाई और उसके कत्ल में मुख्य गवाह रहे इंद्रप्रताप सिंह (छोटे राजा) की हत्या कर दी थी। इंद्रप्रताप सिंह कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष थे। उन्हें 16 मार्च की शाम बड़ामलहरा के आयुष होटल के बाहर हाकम सिंह और मोरपाल सिंह ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था, तभी से यह दोनों फरार थे। हालांकि, पुलिस ने इस हत्याकांड में सम्मिलित अन्य 6 आरोपियों, जिनमें हाकम सिंह की बहन जयकुंवर सहित हरदेव सिंह, इमरत लोधी, हरिश्चंद्र लोधी, रामकृपाल लोधी और गब्बर सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

हत्या के मामलों में आरोपी हाकम सिंह बुंदेला निवासी भोजपुरा वर्ष 2016 में जेल से भाग गया था। मोरपाल और हाकम सिंह की पत्नी ने मिलकर रस्से की मदद से हाकम सिंह को जेल से भागने में मदद की थी। वर्ष 2017 में उसने नरवद अहिरवार की नाक काटकर हत्या का भी प्रयास किया था। उसने अपने भाई मोरपाल सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रतिद्वंदी और भगवत सिंह परमार की हत्या के गवाह छोटे राजा परमार की 16 मार्च को बड़ामलहरा में गोली मारी थी। दोनों आरोपियों पर 30-30 हजार का इनाम घोषित किया गया था। आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास समेत अन्य प्रकरण दर्ज हैं।

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